govt-ads

उत्तराखंड भाजपा में टिकट के लिए महा-घमासान: कुमाऊं की 5 सीटों पर 60 से अधिक दावेदार, कैबिनेट मंत्री की पत्नी भी चुनावी रेस में शामिल

Blog
 Image

देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट तेज होते ही सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर टिकट की जंग खुलकर सामने आ गई है। पार्टी ने प्रदेश की सभी 70 विधानसभा सीटों पर संभावित प्रत्याशियों और संगठन की स्थिति का जमीनी फीडबैक जुटाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में कुमाऊं संभाग के दौरे पर पहुंचे प्रदेश कोर कमेटी के सदस्य एवं कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने हल्द्वानी कार्यालय में मैराथन रायशुमारी की। इस प्रक्रिया के दौरान कुमाऊं की केवल 5 प्रमुख सीटों पर ही 60 से अधिक दिग्गजों और कार्यकर्ताओं ने टिकट के लिए दावेदारी ठोक दी है, जिससे पार्टी के भीतर टिकट की होड़ का अंदाजा लगाया जा सकता है।

उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा के भीतर टिकट की दावेदारी का मुकाबला अभी से दिलचस्प होने लगा है। चुनावी तैयारियों के बीच पार्टी ने प्रदेश की सभी 70 विधानसभा सीटों पर संभावित प्रत्याशियों, संगठन की सक्रियता और राजनीतिक समीकरणों का फीडबैक जुटाना शुरू कर दिया है। कुमाऊं मंडल की पांच महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों पर हुई रायशुमारी में 60 से अधिक नेताओं ने अपनी दावेदारी पेश कर दी है। सबसे ज्यादा हलचल कालाढूंगी विधानसभा सीट पर देखने को मिली, जहां 14 नेताओं ने टिकट की इच्छा जताई है। खास बात यह है कि कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा की पत्नी एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख कमलेश कैड़ा ने भी कालाढूंगी सीट से दावेदारी पेश कर राजनीतिक चर्चाओं को गर्म कर दिया है। प्रदेश कोर कमेटी के सदस्य एवं कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने मंगलवार को लगातार दूसरे दिन हल्द्वानी स्थित कुमाऊं संभाग कार्यालय में रायशुमारी की। इस दौरान हल्द्वानी, कालाढूंगी, लालकुआं, भीमताल और नैनीताल विधानसभा क्षेत्रों के नेताओं से संभावित प्रत्याशियों के नाम और संगठन की स्थिति को लेकर फीडबैक लिया गया। इन पांच सीटों पर 60 से अधिक दावेदार सामने आए हैं। इनमें लगभग 50 नाम जिला और प्रदेश पदाधिकारियों की मौजूदगी में प्रस्तुत किए गए, जबकि दस से अधिक नेताओं ने गोपनीय तरीके से अपनी दावेदारी कौशिक और प्रदेश पदाधिकारियों तक पहुंचाई है। रामनगर विधानसभा सीट की रायशुमारी की जिम्मेदारी प्रदेश महामंत्री तरुण बंसल को सौंपी गई है। कालाढूंगी सीट पर वर्तमान विधायक बंशीधर भगत के साथ हल्द्वानी के मेयर गजराज बिष्ट, कमलेश कैड़ा, प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट, प्रदेश प्रवक्ता विकास भगत, महेश शर्मा, सुरेश भट्ट, सुरेश तिवारी, शशांक रावत, बेला तोलिया, आनंद दरम्वाल, मनोज पाठक, गुंजन तिवारी और तारा चंद्र पांडे ने दावेदारी पेश की है। हल्द्वानी विधानसभा सीट पर डॉ. जोगेंद्र सिंह रौतेला, डॉ. अनिल कपूर डब्बू, कमलेश कैड़ा, रेनू अधिकारी, शंकर कोरंगा, मोहन पाठक, प्रदीप बिष्ट, भुवन जोशी, प्रदीप जनोटी, कौस्तुभानंद जोशी, निश्चल पांडे, विजय मनराल और शांति भट्ट के नाम सामने आए हैं। भीमताल विधानसभा सीट पर कैबिनेट मंत्री एवं वर्तमान विधायक राम सिंह कैड़ा के साथ पूर्व कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह बिष्ट, ध्रुव रौतेला, भावना मेहरा, देवेंद्र ढैला, खीमा शर्मा, हरीश बिष्ट, मनोज शाह, दिनेश सांगुड़ी, मुकेश बोरा, मनोज भट्ट और कुंदन चिलवाल ने टिकट के लिए दावेदारी जताई है। नैनीताल सीट पर वर्तमान विधायक सरिता आर्या के अलावा समीर आर्या, अंबा आर्या, मोहन पाल, प्रकाश आर्या, हेम आर्या, यशपाल आर्या, डॉ. भुवन आर्या और कमला आर्या के नाम सामने आए हैं। वहीं लालकुआं सीट पर विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, दीपचंद्र कोश्यारी, पूर्व विधायक नवीन दुम्का, उमेश शर्मा, कमल मुनि, देवेंद्र बिष्ट, मुकेश बेलवाल और कमलेश चंदोला ने दावेदारी पेश की है। पांचों विधानसभा क्षेत्रों में महिला दावेदारों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। इनमें कमलेश कैड़ा, बेला तोलिया, रेनू अधिकारी, शांति भट्ट, भावना मेहरा, खीमा शर्मा, सरिता आर्या, अंबा आर्या और कमला आर्या के नाम शामिल हैं। इसके अलावा डॉक्टर, पूर्व सैनिक, पूर्व जनप्रतिनिधि, सहकारी क्षेत्र के पदाधिकारी और संगठन में सक्रिय नेताओं ने भी टिकट की दावेदारी की है। रायशुमारी के दौरान केवल टिकट के इच्छुक नेताओं से ही नहीं, बल्कि मंडल अध्यक्षों, महामंत्रियों, प्रदेश पदाधिकारियों और विभिन्न मोर्चों के अध्यक्षों से भी अलग-अलग फीडबैक लिया गया। पार्टी का जोर दावेदारों की क्षेत्र में स्वीकार्यता, संगठन की सक्रियता और स्थानीय चुनावी परिस्थितियों को समझने पर है। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के अनुसार, यह प्रक्रिया सीधे तौर पर टिकट के दावेदारों की बैठक नहीं है, बल्कि जनता की राय, संबंधित विधानसभा क्षेत्र में पार्टी की स्थिति और चुनावी रणनीति को समझने का प्रयास है। अब 5 नवंबर को देहरादून में प्रस्तावित भाजपा कोर ग्रुप की बैठक में रायशुमारी से मिले नामों, संगठनात्मक फीडबैक और सर्वे रिपोर्ट पर चर्चा होगी। इसके बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। फिलहाल पांच सीटों पर सामने आए दावेदारों की लंबी सूची ने भाजपा के भीतर टिकट को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। वर्तमान विधायकों के सामने पार्टी के पुराने और नए चेहरे अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुट गए हैं।