देहरादून। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में विजिलेंस टीम ने बुधवार को कोटद्वार के अग्निशमन अधिकारी (फायर अफसर) भूपेश त्यागी को 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अधिकारी पर एक स्थानीय होटल की फायर एनओसी जारी करने के एवज में 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप है।
कोटद्वार में विजिलेंस की टीम ने अग्निशमन विभाग के अधिकारी भूपेश त्यागी को छह हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। अधिकारी पर एक होटल की अग्निशमन अनापत्ति प्रमाणपत्र (फायर एनओसी) जारी करने के एवज में 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। जानकारी के अनुसार, एक होटल संचालक को अपने प्रतिष्ठान के लिए फायर एनओसी की आवश्यकता थी। आरोप है कि इस प्रमाणपत्र को जारी करने के बदले कोटद्वार में तैनात अग्निशमन अधिकारी भूपेश त्यागी ने 20 हजार रुपये की मांग की थी। रिश्वत की मांग से परेशान होकर संबंधित व्यक्ति ने इसकी शिकायत विजिलेंस से कर दी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने मामले की जांच की और अधिकारी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। बुधवार को नियोजित कार्रवाई के तहत टीम ने भूपेश त्यागी को छह हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद अग्निशमन विभाग में हड़कंप मच गया है। विजिलेंस की टीम मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है। यह घटना एक बार फिर सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार और आम लोगों से जुड़े जरूरी प्रमाणपत्रों के नाम पर कथित अवैध वसूली के सवाल खड़े करती है।

