Thursday, May 30, 2024
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शर्मसार देवभूमि: घोटाला की ‘राजधानी’ बना उत्तराखंड! विपक्ष के निशाने पर सरकार के कई मंत्री

उत्तराखंड विधानसभा में नियुक्तियों में भ्रष्टाचार और भाई भतीजावाद को लेकर मचे बवाल के बीच सरकार के मंत्रिमंडल के कुछ सदस्य विरोधियों के निशाने पर हैं। इनमें खास तौर पर मुख्यमंत्री से लेकर 3 मंत्री शामिल हैं जिनको लेकर विपक्षी दल कांग्रेस के नेता कई आरोप लगाते हुए इस्तीफे की मांग भी करते रहे हैं। नियुक्ति को लेकर वैसे तो कई मंत्रियों और रसूखदार लोगों के नाम सामने आए हैं जिनके करीबी और रिश्तेदारों को विधानसभा में नौकरी मिली। हालाकि कांग्रेस का सबसे ज्यादा निशाना अब तक कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ही बने हैं लेकिन विधानसभा में नियुक्ति का मामला सामने आने के बाद अब विरोधियों के निशाने पर वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल भी आ चुके हैं। इतना ही नहीं उधर रेखा आर्य का नियुक्तियों के लिए सिफारिशी पत्र भी कांग्रेस के लिए बड़ा मुद्दा रहा है लिहाजा कांग्रेस फिलहाल मुख्यमंत्री से लेकर इन तीन मंत्रियों पर निशाना साधने में जुटी हुई है। मुख्यमंत्री पर यह निशाना उनके नेतृत्व वाली सरकार में आ रहे भ्रष्टाचार के तमाम मामलों को लेकर है। वहीं धन सिंह रावत के तो कई विभाग हैं जहां नियुक्तियों में घपले के आरोप लगते रहे हैं। वही प्रेमचंद अग्रवाल पिछली सरकार में विधानसभा अध्यक्ष रहने के दौरान नियुक्ति को लेकर विवादों में हैं। प्रदेश की महिला मंत्री रेखा आर्य भी अपने काम करने के तरीके और तमाम सिफारिशी पत्रों को लेकर कांग्रेस के निशाने पर रहीं हैं लिहाजा कांग्रेस ऐसे मंत्रियों के इस्तीफे की मांग कर सरकार पर दबाव बनाने में लगी हुई है।

उत्तराखंड में शायद ही पहले कभी ऐसा हुआ हो जब इतनी बड़ी संख्या में भर्तियों पर गड़बड़ी के आरोप लगे हों और इतनी भर्तियों की एक साथ जांच की जा रही हो शायद इसीलिए कांग्रेस को सरकार पर आरोप लगाने का बड़ा मौका मिल गया है। इसी की बदौलत कांग्रेस के नेता तमाम मंत्रियों के इस्तीफे की मांग रहे हैं हालांकि इनमें कई भर्तियां ऐसी भी हैं जो कांग्रेस शासनकाल में हुई थीं। उत्तराखंड में जिस तरह के एक बाद एक भर्तियों में धांधली की बातें सामने आ रही हैं। उसने सरकार को बैकफुट पर ला दिया है धामी सरकार भले ही UKSSSC पेपर लीक मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अपना पीठ थपथपा रही है लेकिन जिस तरह से भर्तियों का कच्चा चिट्ठा खुल रहा है वो विपक्ष को हमलावर होने का मौका दे रहा है उत्तराखंड विधानसभा में हुई साल 2021 में हुई भर्तियां भी कुछ इस तरफ इशारा कर रही है।

उत्तराखंड में बेरोजगार युवाओं को सरकारी सिस्टम मुंह चिढ़ा रहा है कभी पेपर लीक मामला तो कभी नियम विरुद्ध नियुक्तियों में युवाओं के भविष्य पर प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं उधर उत्तराखंड विधानसभा में हुई भर्तियां भाई भतीजावाद की ऐसी भेंट चढ़ी कि इसमें तमाम वीवीआईपी के करीबियों ने खूब फायदा उठाया अंदाजा लगाइए कि विधानसभा में जब नौकरी में लगाई गई तो इसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ओएसडी और पीआरओ के रिश्तेदार ही नहीं बल्कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के पीआरओ, मंत्री सतपाल महाराज, रेखा आर्य और प्रेमचंद अग्रवाल समेत विभिन्न मंत्रियों के रिश्तेदारों और पीआरओ ने आसानी से नियुक्ति पा ली।

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