Thursday, May 30, 2024
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Homeमौसमकुमाऊं में मूसलाधार बारिश का कहर, जलमग्न हुए कई शहर

कुमाऊं में मूसलाधार बारिश का कहर, जलमग्न हुए कई शहर

कुमाऊं में पिछले कई घंटे से मूसलाधार बारिश के कारण शनिवार को दिन भर जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। पहाड़ों पर जगह-जगह भूस्खलन और मलबे से कई जगह मकान क्षतिग्रस्त हो गए तो कहीं सड़कों का नामोनिशान मिट गया। गरमपानी में बोल्डर की चपेट में आने से पर्यटक और पिथौरागढ़ जिले में मजदूर की जान चली गई। हल्द्वानी में गधेरे में बहने से होमगार्ड की मौत हो गई।

मंडल में 46 सड़कों पर यातायात बंद हो गया है। कई जगह मकान भी ध्वस्त हो गए हैं।भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर पाडली के पास शनिवार की दोपहर 12:30 बजे सैलानियों की कार के ऊपर पहाड़ी से बोल्डर गिर गया। इससे कार अनियंत्रित होकर सड़क पर पलटी तो जितिन दिवाकर (35) पुत्र रामचरन निवासी लाइनपार नियर भोलानाथ ट्रेडर्स मुरादाबाद की मौत हो गई।

प्रवीण चौधरी (29), अक्षय राज (31) निवासी सेक्टर 10, फेस 2 मझोला बुद्धि विहार मुरादाबाद और अभय चौधरी (20) निवासी शेरवा धर्मपुर अगवानपुर मुरादाबाद घायल हो गए। तीनों को सीएचसी खैरना ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने छुट्टी दे दी। बताया जा रहा है कि जितिन मुरादाबाद में मेडिकल स्टोर चलता था। वह अपने साथियों के साथ कैंची धाम के दर्शन के लिए आया था।

उधर, भौर्सा निवासी महेश चंद्र पलड़िया (36) पुत्र उमापति पलड़िया की शुक्रवार की शाम ड्यूटी से घर लौटते समय भौर्सा के पास जमरानी गधेरे में बहने से जान चली गई। उनका शव शनिवार सुबह गधेरे में पड़ा मिला। पिथौरागढ़ में नामिक-होकरा निर्माणाधीन सड़क पर पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से मजदूर दिनेश चंद्र पाठक (56) पुत्र नित्यानंद की मौत हो गई। बेड़ीनाग तहसील के मेरल संगौड़ पांखू निवासी दिनेश पत्थर की चपेट में आने से 100 मीटर खाई में गिर गया। एसडीआरएफ और नाचनी पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाकर उसे खाई से निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

बारिश के कारण अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में पिथौरागढ़ की ओर मलबा आने से डेढ़ घंटे एनएच बंद रहा। टनकपुर चंपावत राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्वांला के पास सड़क का 30 मीटर हिस्सा पूरी तरह बह गया। इस कारण लोहाघाट डिपो की रोडवेज की 13 बसें टनकपुर में फंसी रहीं। बागेश्वर-कपकोट मोटर मार्ग में कभड़ भ्योल के समीप पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा गिरा और कई घंटे यातायात ठप रहा। अल्मोड़ा और बागेश्वर में एक-एक आवासीय मकान ध्वस्त हो गया है। नैनीताल-हल्द्वानी रोड में ताकुला क्षेत्र में कई जगह सड़क में धंसाव होने लगा है। बारिश के बाद नैनीताल-भवाली रोड में कई जगह दरारें नजर आने लगी हैं।

मंडल में 46 सड़कें बंद
पिथौरागढ़ 08
अल्मोड़ा 11
चंपावत 14
नैनीताल 13

कहां-कितनी बारिश (मिमी)
हल्द्वानी 103
अल्मोड़ा 52.2
नैनीताल 39
पिथौरागढ़ 24
बनबसा 137
बागेश्वर 27
चंपावत 70
मुक्तेश्वर 93.8

रुद्रपुर में बाढ़ सा मंजर, 200 से अधिक घरों में घुसा पानी
रुद्रपुर में लगातार बारिश से शनिवार को कल्याणी का जलस्तर अचानक बढ़ा तो नगर में बाढ़ जैसे हालात बन गए। नदी के किनारे स्थित 200 से अधिक मकानों में पानी घुस गया। लोग घबराकर मकानों की छतों पर चढ़ गए। पुलिस और प्रशासन की टीमों ने कुछ लोगों को प्रभावित क्षेत्रों से बाहर निकाला। रुद्रपुर में शाम को कल्याणी नदी के पानी के घरों में घुसने से मुखर्जी नगर, जगतपुरा, ट्रांजिट कैंप, भूत बंगला आदि क्षेत्रों में रह रहे लोगों में दहशत फैल गई। एडीएम ललित नारायण मिश्रा ने टीम के साथ जगतपुरा और भूतबंगला में जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।

पुलिस, प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीम ने मुनादी कर लोगों को जलभराव वाले स्थानों से निकाला। एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने भी जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। कोतवाल विक्रम राठौर ने भूतबंगला में जलभराव वाले स्थान से एक बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला। इधर, विधायक शिव अरोरा ने भी ट्रांजिट क्षेत्र में जलभराव का निरीक्षण किया। एडीएम ने बताया कि मुखर्जी नगर में काफी जलभराव हो गया है। प्रभावित लोगों को शरण देने के लिए स्कूल चिह्नित कर लिए गए हैं।

सितारगंज के अरविंदनगर में 200 परिवार बेघर
अरविंदनगर गांव में पांच फीट तक पानी भर गया। करीब 200 परिवारों के घरों में पानी घुस गया। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले परिवारों को झाड़ी गांव के प्राथमिक स्कूल में बने राहत शिविरों में ठहराया है। बैगुल, कैलाश, सूखी नदी भी पूरे उफान पर पहुंच गई। बैगुल नदी किनारे बसा अरविंदनगर गांव पूरी तरह जलमग्न हो गया है। अरविंद नगर नंबर सात, आठ, नौ में रहने वाले करीब दो सौ परिवारों के घरों में पानी घुस गया। चीकाघाट, उकरौली समेत करीब आधा दर्जन गांव जलमग्न हो गए। तहसीलदार जगमोहन त्रिपाठी, कानूनगो मोइनुद्दीन और पटवारी भगीरथ लाल ने लोगों को घरों से सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए नाव उपलब्ध कराई गई है।पालिकाध्यक्ष हरीश दुबे ने बताया कि पालिका ने जल निकासी के लिए कई जगह जेसीबी के साथ टीम को तैनात किया है। कोतवाल प्रकाश सिंह दानू, एसएसआई विनोद फर्त्याल की पुलिस टीम ने गांव से करीब 80 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

यहां बढ़ी मुश्किलें
-उकरौली, चीकाघाट, रसोइयापुर, कौंधारतन, कौंधाअसरफ गांव में भी कैलाश नदी से भूमि कटाव हो रहा है।
-जीएस कॉलोनी, आईटीआई के पीछे की कॉलोनी समेत कई स्थानों पर जलभराव हो गया।

नदियों का जलस्तर (क्यूसेक में)
                 नदी जलस्तर       चेतावनी स्तर         खतरे का स्तर
बैगुल/सूखी –   14,900            30,000              45,000
कैलाश नदी –   21,500            23,000              7,900

जलाशयों का जलस्तर (मीटर में)
               जलाशय         चेतावनी स्तर     खतरे का स्तर
बैगुल –       205.925      210.600        210.620
नानकमत्ता – 213.51       215.19          215.95

नदियों के तटबंध पर सिंचाई कर्मी तैनात
प्रशासन ने नदी किनारे बसे लोगों को बाढ़ राहत शिविरों में ठहराने की व्यवस्था की है। उन्होंने लोगों को बारिश के दौरान मछली का शिकार करने नदियों में न जाने की सलाह दी। तहसीलदार जगमोहन त्रिपाठी ने कई गांवों में मुनादी कराई है। सिंचाई खंड के ईई बीसी नैनवाल ने बैगुल, सूखी, कैलाश नदी के तटबंधों पर सिंचाई कर्मी तैनात किए हैं।

कैबिनेट मंत्री के प्रतिनिधि पहुंचे
कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा के निर्देश पर उनके प्रतिनिधि उमाशंकर दुबे ने अरविंदनगर नौ नंबर गांव का निरीक्षण किया। इस मौके पर भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष प्रिंस गुप्ता, तहसीलदार जगमोहन त्रिपाठी, कोतवाल प्रकाश सिंह दानू, पटवारी राम अवतार, छात्र संघ उपाध्यक्ष अंकित गोयल और विशाल मित्तल आदि मौजूद रहे।

कोसी नदी का जलस्तर बढ़ा
कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से स्थानीय प्रशासन नदी किनारे बसे ग्रामीणों को अलर्ट कर रहा है। बाजपुर में भी बाजार में भी सन्नाटा देखा गया।

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