गुणवत्ता और समयबद्ध निर्माण पर फोकस के साथ साइंस सिटी परियोजना को तेज कर रही उत्तराखंड सरकार

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देहरादून। उत्तराखंड को विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को देहरादून में निर्माणाधीन साइंस सिटी परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन पॉलिसी-2026 का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि साइंस सिटी केवल एक भवन नहीं होगी, बल्कि यह विकसित उत्तराखंड की वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव बनेगी। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत संवाद किया। इस बैठक में साइंस सिटी को राष्ट्रीय स्तर की अत्याधुनिक विज्ञान संस्था के रूप में विकसित करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि विशेषज्ञों के अनुभव और सुझावों को परियोजना के विकास में शामिल किया जाएगा, ताकि यह केवल एक प्रदर्शनी केंद्र न रहकर विज्ञान, शोध और नवाचार का जीवंत मंच बन सके।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आधारित विकास मॉडल को प्राथमिकता दे रही है। भविष्य की चुनौतियों और आवश्यकताओं को देखते हुए उत्तराखंड में वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी विकास और नवाचार के लिए मजबूत आधार तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित उत्तराखंड का सपना तभी साकार होगा, जब राज्य का युवा विज्ञान और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाएगा। संवाद कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने विज्ञान शिक्षा को अधिक व्यवहारिक और रोजगारोन्मुख बनाने पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने, नवाचार आधारित स्टार्टअप को बढ़ावा देने, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), रोबोटिक्स, अंतरिक्ष विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों को साइंस सिटी से जोड़ने का सुझाव दिया। साथ ही इंटरएक्टिव विज्ञान मॉडल, डिजिटल लर्निंग सेंटर और अनुसंधान सुविधाओं के विकास की भी आवश्यकता बताई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तराखंड भी इस परिवर्तन का सक्रिय भागीदार बनने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नई विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति-2026 राज्य में अनुसंधान, स्टार्टअप, तकनीकी विकास और नवाचार को नई दिशा देगी। इससे युवाओं को नए अवसर मिलेंगे और राज्य में ज्ञान आधारित उद्योगों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि साइंस सिटी विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों के लिए विज्ञान को सरल, रोचक और उपयोगी बनाने का माध्यम बनेगी। यहां ऐसे आधुनिक विज्ञान मॉडल, इंटरएक्टिव प्रदर्शनी, इनोवेशन सेंटर और अनुसंधान सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिनसे बच्चों और युवाओं में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ेगी और उन्हें नई खोजों के लिए प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि साइंस सिटी उत्तराखंड के वैज्ञानिक भविष्य की आधारशिला बनेगी और इसे देश की सर्वश्रेष्ठ विज्ञान संस्थाओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा। राज्य सरकार का मानना है कि साइंस सिटी और नई विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति-2026 उत्तराखंड को विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार, स्टार्टअप और नवाचार के नए अवसर भी पैदा करेगी। इससे प्रदेश ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा और विकसित उत्तराखंड के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।