Saturday, March 2, 2024
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चार धाम यात्रा में भीड़ से निपटने के लिए बनाये नए नियम, सिमित श्रदालु ही करेंगे दर्शन

चार धाम। उत्तराखंड सरकार ने तीन मई को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खोलने की तैयारी कर ली है। जिसकी शुरुआत शुक्रवार सुबह 6.15 पर की जाएगी। केदारनाथ धाम के कपाट 6 मई को श्रद्धालुओं के लिए खोले जायेंगे। दो साल की कोरोना महामारी के बाद चारधाम यात्रा को लेकर लोगों के बीच भारी उत्साह देखा जा रहा है। चारधाम यात्रा के दौरान भीड़ से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने चार धाम जाने वाले तीर्थयात्रियों की दैनिक सीमा तय की है। बद्रीनाथ में प्रतिदिन 15,000, केदारनाथ में 12,000, गंगोत्री में 7,000 और यमुनोत्री में 4,000 तीर्थयात्रियों की अनुमति दी गई है। यह व्यवस्था 45 दिनों के लिए की गई है। 
जानिए क्या है यात्रा की तारीखे 
 
बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने जानकारी देते हुए बताया है कि केदारनाथ धाम के कपाट 6 मई शुक्रवार के दिन सुबह 6.15 पर खुलेंगे।भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली के प्रस्थान का कार्यक्रम के अंतर्गत भैरव पूजा की तिथि 1 मई रविवार को है। भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली धाम प्रस्थान‌ 2 मई सोमवार सुबह 9 बजे होगा, 2 मई प्रथम पड़ाव श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी प्रवास रहेगा। 3 मई मंगलवार गुप्तकाशी से 8 बजे सुबह फाटा प्रस्थान और प्रवास रहेगा.4 मई बुधवार फाटा से सुबह 8 बजे गौरामाई मंदिर गौरीकुंड प्रस्थान और प्रवास गौरीकुंड रहेगा. 5 मई गुरुवार गौरीकुंड से प्रात: 6 बजे  भगवान की पंचमुखी डोली गौरीकुंड से श्री केदारनाथ धाम प्रस्थान करेगी. 6 मई शुक्रवार सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुलेंगे. बद्रीनाथ धाम कपाट 8 मई रविवार समय 6 बजकर 25 मिनट पर खुले़गे. बद्री विशाल देवडोली प्रस्थान कार्यक्रम के तहत 6 मई शुक्रवार सुबह 9 बजे नृसिंह मंदिर जोशीमठ से आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी और तेलकलश गाडू घड़ा सहित ब्रद्रीनाथ धाम के रावल जी योगध्यान बदरी प्रस्थान एवं प्रवास पांडुकेश्वर रहेगा। वहीं 7 मई शनिवार सुबह योग बद्री पांडुकेश्वर से आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी, रावल जी सहित देवताओं के खजांची कुबेर जी और भगवान के सखा उद्धव जी, गाडू घड़ा तेल कलश बद्रीनाथ धाम को पांडुकेश्वर से सुबह 9 बजे श्री बद्रीनाथ धाम को प्रस्थान करेंगे और बद्रीनाथ धाम पहुंचेंगे. 8 मई सुबह 6 बजकर 25 मिनट पर शीतकाल हेतु श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। यात्रा के दौरान श्रदालुओं को आरटीपीसीआर रिपोर्ट ले जानी अनिवार्य रहेगी।  
 
 
 
 
 
   
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