Monday, February 26, 2024
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Homeअन्यअर्पण, तर्पण और योग की जन्म भूमि है उत्तराखंडः आचार्य घिल्डियाल

अर्पण, तर्पण और योग की जन्म भूमि है उत्तराखंडः आचार्य घिल्डियाल

देहरादून। उत्तराखंड देवभूमि होने के साथ-साथ अर्पण, तर्पण और योग की भी जन्म भूमि है। इसी भूमि पर तपस्या करके अधिकांश ऋषि-मुनियों ने योग को परिभाषित और पुष्पित और पल्लवित किया है।
उपरोक्त विचार उत्तराखंड ज्योतिष रत्न आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने श्री राम हिमालयन योग एवं ग्रामीण विकास संस्थान ट्रस्ट के देहरादून कारगी में स्थित कार्यालय के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए। डॉ.घिल्डियाल ने कहा कि तमाम भारतीय प्राचीन विद्याओं ज्योतिष, साहित्य, व्याकरण सहित योग का उदयभी उत्तराखंड की हिमालय की तलहटी में ही हुआ है। यहां पर ही अनेक ऋषि और मुनियों ने तपस्या करके अपने लक्ष्य का साधन किया है। उन्होंने श्री राम हिमालयन ग्रामीण विकास एवं योग संस्थान के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए उन्हें सरकार द्वारा भी भविष्य में कार्यक्रमों के लिए अनुदान दिलाने की बात कही। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह प्रयास है कि इस तपोभूमि पर युवा वर्ग में गोवा संस्कृति के स्थान पर गंगोत्री संस्कृति का विकास हो। इसके लिए जो भी संस्था आगे बढ़कर कार्य करेगी सरकार उसका हर तरफ से उत्साहवर्धन करने के लिए तैयार है। इससे पूर्व यहां पहुंचने पर डॉ. घिल्डियाल का संस्थान द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। संस्थान की राष्ट्रीय अध्यक्ष सविता उपाध्याय ने कहा कि आचार्य घिल्डियाल जिस प्रकार केंद्र एवं राज्य सरकार की मनसा को धरातल पर उतारने के लिए शिक्षा, ज्योतिष, अध्यात्मिक, योग एवं पर्यावरण के माध्यम से कार्य कर रहे हैं वह काबिले तारीफ है। इस दौरान रोशन लाल उपाध्याय, गीत मणि नौटियाल, सुभाष भट्ट, विकास भट्ट, मुकेश बलूनी, मूर्ति राम उनियाल, लक्ष्मी उनियाल, योगाचार्य राहुल आदि मौजूद रहे।

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