Feb 21, 2026
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उत्तराखंड में फिल्म उद्योग को नई उड़ान: 25 क्षेत्रीय और हिंदी फिल्मों को 8.28 करोड़ का अनुदान, फिल्म नीति-2024 से बढ़ा आकर्षण

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उत्तराखंड सरकार ने फिल्म उद्योग को प्रोत्साहन देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 25 क्षेत्रीय और हिंदी फिल्मों को कुल 8.28 करोड़ रुपये की अनुदान राशि जारी की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में लागू की गई फिल्म नीति-2024 का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। राज्य सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिल्म निर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता, विविध भौगोलिक परिस्थितियों, सांस्कृतिक विरासत और शांत वातावरण के कारण फिल्म निर्माण के लिए आदर्श स्थान बनकर उभरा है। राज्य में लागू सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से फिल्म निर्माताओं को त्वरित और पारदर्शी अनुमति प्रदान की जा रही है। शूटिंग प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाया गया है, जिससे निर्माताओं को किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा का सामना न करना पड़े।उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बंशीधर तिवारी ने बताया कि परिषद वर्ष में दो बार जुलाई और जनवरी अनुदान प्रस्तावों पर विचार करती है। जुलाई 2025 की बैठक में 12 फिल्मों और जनवरी 2026 में 13 फिल्मों को अनुदान स्वीकृत किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य में शूटिंग बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं, जिससे होटल, परिवहन, स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों को सीधा लाभ मिल रहा है।

फिल्म नीति-2024 के तहत गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी फिल्मों को विशेष बढ़ावा दिया गया है। इस वर्ष ‘जोना’, ‘मीठी माँ कु आशीर्वाद’, ‘मेरे गांव की बाट’, ‘घपरोल’, ‘द्वी होला जब साथ’, ‘गढ़-कुमौं’, ‘असग़ार’, ‘रतब्याण’, ‘संस्कार’, ‘मेरु गौ’, ‘अजाण’, ‘बथों सुबेरो घाम-2’, ‘धरती म्यर कुमाऊँ’ और ‘कारा एक प्रथा’ जैसी क्षेत्रीय फिल्मों को अनुदान राशि प्रदान की गई। सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय भाषा और संस्कृति को नई पहचान मिलेगी तथा युवाओं को क्षेत्रीय सिनेमा में करियर के अवसर प्राप्त होंगे। राज्य की फिल्म नीति से आकर्षित होकर कई बड़े निर्माता-निर्देशक उत्तराखंड में शूटिंग कर रहे हैं। इस वर्ष ‘विकी विद्या का वह वाला वीडियो’, ‘लाइफ हिल गई’ (वेब सीरीज), ‘Tanvi the Great’, ‘माली’, ‘मैं लड़ेगा’, ‘5th सितम्बर’, ‘केसरी चैप्टर-2’, ‘ढाई आखर प्रेम का’, ‘गंगा संग रविदास’, ‘ए वेडिंग स्टोरी’ और ‘Middle Class Love’ जैसी हिंदी फिल्मों और प्रोजेक्ट्स को अनुदान दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म नीति का उद्देश्य केवल शूटिंग को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना भी है। उत्तराखंड में वेब सीरीज, डॉक्यूमेंट्री, शॉर्ट फिल्म और फीचर फिल्मों के निर्माण को समान रूप से प्रोत्साहन दिया जा रहा है। राज्य सरकार का मानना है कि फिल्म उद्योग के विकास से उत्तराखंड की पहचान ‘फिल्म-फ्रेंडली स्टेट’ के रूप में और मजबूत होगी। आने वाले समय में और अधिक निवेश, बड़े बजट की फिल्मों की शूटिंग तथा अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स के आगमन की संभावना है। उत्तराखंड में फिल्म नीति-2024 के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ ही प्रदेश न केवल प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र बना है, बल्कि अब रचनात्मक उद्योगों का भी उभरता हुआ हब बनता जा रहा है। यह पहल राज्य की अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक समृद्धि को नई दिशा देने की ओर महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।