Apr 04, 2026
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टिहरी कोर्ट को बम धमकी मेल, सुरक्षा एजेंसियों की लंबी तलाशी

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देहरादून। उत्तराखंड के तीन जिला न्यायालयों नई टिहरी, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में बम होने की सूचना से सोमवार को हड़कंप मच गया। ई-मेल के माध्यम से मिली धमकी के बाद पुलिस, एलआईयू, एसटीएफ और बम निरोधक दस्ते की टीमों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर पूरे कोर्ट परिसर की सघन तलाशी ली। हालांकि प्राथमिक जांच में कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिससे न्यायिक अधिकारियों, वकीलों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। नई टिहरी और रुद्रप्रयाग जिला न्यायालय में बम रखे जाने की सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। नई टिहरी जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल मिश्रा और सीओ टिहरी महेश लखेड़ा ने बताया कि कोर्ट की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर बम रखने की धमकी भरा मेल प्राप्त हुआ था। सूचना मिलते ही पुलिस और एलआईयू की टीमों ने पूरे न्यायालय परिसर को खंगाल डाला। हर कक्ष, रिकॉर्ड रूम, पार्किंग और आसपास के क्षेत्र की गहन जांच की गई, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बावजूद पुलिस सतर्कता बरतते हुए निगरानी बनाए हुए है।

इसी तरह की धमकी उत्तरकाशी जिला न्यायालय की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर भी प्राप्त हुई। मेल में दावा किया गया था कि कोर्ट परिसर में करीब 12 किलो आरडीएक्स लगाया गया है। सूचना मिलते ही परिसर में अफरातफरी मच गई। न्यायालय प्रशासन ने तत्काल पुलिस को सूचित किया।मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी कमलेश उपाध्याय भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। कोर्ट परिसर को तत्काल खाली कराया गया और कोर्ट रोड पर यातायात रोक दिया गया। अग्निशमन विभाग की टीम को भी एहतियातन तैनात किया गया। देहरादून से बम निरोधक दस्ता बुलाया गया, जिसने देर शाम तक कोर्ट परिसर में गहन तलाशी अभियान चलाया। एसटीएफ और खुफिया एजेंसियों ने भी मौके पर पहुंचकर तकनीकी और भौतिक जांच की।एसपी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि धमकी भरे ई-मेल के आधार पर नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। यह ई-मेल किस स्रोत से भेजा गया, इसकी तकनीकी जांच की जा रही है। साइबर विशेषज्ञों की मदद से आईपी एड्रेस और मेल सर्वर की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

टिहरी और रुद्रप्रयाग में भी पुलिस ने कोर्ट परिसर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया। न्यायालयों में कामकाज कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ, लेकिन जांच पूरी होने के बाद सामान्य गतिविधियां बहाल कर दी गईं। वकीलों और न्यायिक अधिकारियों ने सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता की सराहना की।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की धमकियों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। हाल के समय में ई-मेल के जरिए फर्जी धमकियों के मामले सामने आए हैं, लेकिन हर सूचना को गंभीरता से लेकर जांच की जाती है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि क्या तीनों जिलों में एक ही स्रोत से मेल भेजे गए हैं या इसके पीछे कोई संगठित साजिश है। हालांकि अभी तक किसी भी न्यायालय परिसर में विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है, फिर भी सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। कोर्ट परिसरों में आने-जाने वालों की जांच सख्त कर दी गई है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। फिलहाल तीनों जिलों में स्थिति सामान्य है, लेकिन पुलिस और खुफिया एजेंसियां सतर्क हैं। धमकी देने वालों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच तेज कर दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।