Apr 03, 2026
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ईरान ने सऊदी-बहरीन कॉजवे को संभावित निशाना बताया

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नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसने पूरी दुनिया की टेंशन बढ़ा दी है। इस बीच अमेरिका ने ईरान के सबसे बड़े पुल को ध्वस्त कर दिया है, जिसके बाद ईरान ने मध्य पूर्व क्षेत्र के आठ प्रमुख पुलों की एक सूची जारी की है, जिससे अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद जैसे को तैसा जवाबी कार्रवाई का संकेत माना जा रहा है। ईरान की अर्ध-सरकारी फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने पुलों की हिट लिस्ट प्रकाशित करते हुए कहा कि गुरुवार को ईरान के सबसे ऊंचे बी1 पुल पर हुए दो हमलों के बाद खाड़ी देशों और जॉर्डन के कई प्रमुख पुल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के संभावित निशाने हो सकते हैं। अनादोलू की एक रिपोर्ट के अनुसार ईरानी सूची में खाड़ी के आठ पुल शामिल हैं जिसमें कुवैत का शेख जाबेर अल-अहमद अल-सबाह समुद्री पुल, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के शेख जायद पुल, अल मक़ता पुल और शेख खलीफ़ा पुल, सऊदी अरब को बहरीन से जोड़ने वाला किंग फहद कॉज़वे, साथ ही जॉर्डन के किंग हुसैन पुल, दामिया पुल और अब्दौन पुल हैं। इससे पहले गुरुवार को हुए अमेरिकी-इजरायली हमलों में मध्य पूर्व का सबसे ऊंचा पुल आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। इस हमले में कई लोग घायल हो गए। यह हमला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को बमबारी करके पाषाण युग में वापस भेजने की चेतावनी के बाद हुआ। 136 मीटर ऊंचा बी1 पुल अभी निर्माणाधीन था और इसे तेहरान को पश्चिमी शहर कराज से जोड़ना था। अल्बोरज़ प्रांत के उप राज्यपाल घोद्रतोल्लाह सैफ, जहां बी1 पुल स्थित हैए ने राज्य टीवी और फ़ार्स समाचार एजेंसी के अनुसार कहा कि हमले में आठ लोग मारे गए और 95 अन्य घायल हो गए।