नई दिल्ली। देश में बढ़ती महंगाई को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि चुनाव खत्म होते ही आम जनता पर महंगाई का बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही आगाह किया था कि चुनाव के बाद कीमतों में उछाल आएगा और अब वही हो रहा है। राहुल गांधी ने दावा किया कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में एक दिन में 993 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिसे उन्होंने अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी बताते हुए चुनावी बिल करार दिया। उनके मुताबिक फरवरी से अब तक सिलेंडर की कीमतों में कुल 1,380 रुपये की वृद्धि हो चुकी है, जो लगभग 81 प्रतिशत का इजाफा है। उन्होंने कहा कि इस बढ़ोतरी का सीधा असर छोटे कारोबारियों और आम लोगों की रसोई पर पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यह महंगाई का पहला चरण है और आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
राहुल गांधी ने अपने बयान में लिखा, पहली स्ट्राइक गैस पर, अगली स्ट्राइक पेट्रोल-डीज़ल पर, जिससे आम जनता की चिंता और बढ़ गई है। इसी मुद्दे पर आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि कमर्शियल सिलेंडर के बाद छोटे घरेलू सिलेंडर की कीमतों में भी 261 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान जो कीमतें स्थिर थीं, वे अब तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे रेहड़ी-पटरी वालों, मजदूरों और निम्न आय वर्ग के लोगों पर सीधा असर पड़ रहा है। आतिशी ने सरकार पर निशाना साधते हुए इसे जनता के लिए रिटर्न गिफ्ट बताया और कहा कि सरकार को केवल वोटों की चिंता है, जनता की परेशानियों से उसका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 3,071.50 रुपये तक पहुंच गई है, जो छोटे व्यापारियों के लिए बड़ा झटका है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सिलेंडर महंगा होने का मतलब है कि आम आदमी की थाली महंगी हो रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार अगर कीमत बढ़ाना ही चाहती थी तो सीधे 1,000 रुपये बढ़ा देती, 7 रुपये कम करके कोई एहसान नहीं किया जा रहा है।

