नई दिल्ली। महाराष्ट्र से एक चौंकाने वाला और शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां स्वयंभू बाबा अशोक खरात अब पुलिस की गिरफ्त में है। उस पर महिलाओं के यौन शोषण, धोखाधड़ी और अंधविश्वास के नाम पर लोगों को ठगने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। इस पूरे मामले में सबसे अहम भूमिका निभाई है उसके ही एक पूर्व कर्मचारी ने, जिसने हिम्मत दिखाते हुए इस कथित बाबा के काले कारनामों का पर्दाफाश किया। दरअसल, पूर्व कर्मचारी ने नासिक पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि अशोक खरात अपनी कथित दैवीय शक्तियों का झूठा दावा कर महिलाओं को अपने जाल में फंसाता था। उसने अपने केबिन में गुपचुप तरीके से एक हिडन कैमरा लगाया और कई ऐसे वीडियो सबूत जुटाए, जिनमें खरात अलग-अलग महिलाओं के साथ आपत्तिजनक हरकतें करते हुए नजर आ रहा है। ये सभी फुटेज अब पुलिस के पास एक पेन ड्राइव में मौजूद हैं। पुलिस के मुताबिक अब तक 100 से ज्यादा वीडियो क्लिप बरामद की जा चुकी हैं, जो इस मामले को और भी गंभीर बनाती हैं। इन वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि महिलाओं को किसी नशीले पदार्थ के जरिए बेसुध किया जाता था, जिसके बाद उनके साथ गलत हरकतें की जाती थीं।
इस बीच एक और महिला ने सामने आकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने एफआईआर में कहा कि साल 2020 से 2026 के बीच अशोक खरात ने धार्मिक अनुष्ठान के नाम पर कई बार उसका यौन शोषण किया। महिला का आरोप है कि बाबा उसे डराता था और कहता था कि अगर उसने विरोध किया तो उसके बच्चों को नुकसान पहुंचाया जाएगा। इतना ही नहीं उसने यह भी आरोप लगाया कि वह गर्भवती हो गई थी, जिसके बाद उसे जबरन ऐसी दवाइयां दी गईं, जिससे उसका गर्भपात हो गया।
पूर्व कर्मचारी ने अपने बयान में यह भी खुलासा किया कि बाबा के यहां कई प्रभावशाली लोग आते-जाते थे। जब कोई जोड़ा वहां पहुंचता था, तो पहले दोनों को केबिन में ले जाया जाता, फिर पुरुष को बाहर भेज दिया जाता और महिला को अनुष्ठान के नाम पर अंदर ही रोक लिया जाता था। मामले का एक और चौंकाने वाला पहलू यह है कि यहां केवल शोषण ही नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर आर्थिक धोखाधड़ी भी की जा रही थी। शिकायत के अनुसार इमली के बीजों को चमकाकर उन्हें ऊर्जावान रत्न बताकर हजारों-लाखों रुपये में बेचा जाता था। इसके अलावा पैसे को मंदिर ट्रस्ट और निजी खातों के जरिए घुमाकर काले धन को सफेद करने का भी आरोप है। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और अब तक अशोक खरात के खिलाफ तीन मामले दर्ज किए जा चुके हैं। यह मामला न सिर्फ एक व्यक्ति की सच्चाई उजागर करता है, बल्कि समाज को भी यह सोचने पर मजबूर करता है कि अंधविश्वास और झूठे बाबाओं के जाल से बचना कितना जरूरी है।
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