Apr 15, 2026

22 अप्रैल को केदारनाथ के द्वार खुलेंगे: डोली यात्रा का रूट और समय सारणी जारी, भक्तों में भारी उत्साह

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ऋषिकेश।  उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 का आगाज अब सिर्फ कुछ दिनों की दूरी पर है। 19 अप्रैल से शुरू होने वाली पावन यात्रा को सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए सभी संबंधित जिलों में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। ऋषिकेश में देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल और एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने अधिकारियों के साथ अंतिम दौर की समीक्षा बैठक की, जबकि केदारनाथ धाम में भी व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

केदारनाथ धाम में यात्रा को रात्रि में भी सुरक्षित बनाने के लिए गौरीकुंड से केदारनाथ तक पूरे पैदल मार्ग पर 600 स्ट्रीट लाइटें और 200 सोलर लाइटें लगाई गई हैं। महत्वपूर्ण मोड़ों पर स्पष्ट साइनेज और डायवर्जन बोर्ड स्थापित कर दिए गए हैं। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा लगातार तैयारियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। भगवान केदारनाथ के कपाट आगामी 22 अप्रैल 2026 को प्रातः 8 बजे विधिवत रूप से खोले जाएंगे। वैदिक मंत्रोच्चार, पारंपरिक पूजा-अर्चना और सनातन रीति-रिवाजों के साथ यह अनुष्ठान संपन्न होगा। भगवान की चल विग्रह डोली 18 अप्रैल को ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में भैरवनाथ पूजा के बाद 19 अप्रैल को फाटा, 20 अप्रैल को गौरीकुंड पहुंचेगी। 21 अप्रैल को डोली केदारनाथ धाम पहुंचकर मंदिर भंडार में स्थापित की जाएगी और 22 अप्रैल को शुभ मुहूर्त में कपाट खुलेंगे। ऋषिकेश में ट्रांजिट कैंप परिसर की तैयारियों की समीक्षा करते हुए डीएम सविन बंसल ने सख्त निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की किसी भी सुविधा में कमी नहीं होनी चाहिए। जर्मन हैंगर, पेयजल, शौचालय, विश्राम व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं को यात्रा शुरू होने से पहले पूर्ण रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सड़कों और फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने तथा पैदल यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इस पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा मार्ग पर 500 से अधिक पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात किए जाएंगे। ऋषिकेश में पर्यटन पुलिस सक्रिय रहेगी। एसपी ग्रामीण जया बलूनी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। रैपिड एक्शन फोर्स की मांग भी मुख्यालय को भेज दी गई है। ट्रैफिक प्रबंधन के लिए प्लान ए, बी और सी पहले से तैयार हैं। आईडीपीएल और खांड गांव में पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था की गई है। इस बार की तैयारियों में खास फोकस रात्रि यात्रा की सुरक्षा, रोशनी और साइनेज पर है। प्रशासन का मानना है कि बेहतर व्यवस्थाओं से श्रद्धालुओं को पिछले वर्षों की तुलना में अधिक सुविधा मिलेगी और यात्रा सुचारु रूप से संपन्न होगी। चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत 19 अप्रैल से होने जा रही है। लाखों श्रद्धालु बाबा केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन के लिए देवभूमि पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने सभी से अपील की है कि यात्रा से पहले मौसम, स्वास्थ्य और आधिकारिक गाइडलाइंस की जानकारी अवश्य ले लें।