Mar 19, 2026
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आर्थिक अंतर्दृष्टि का एक वर्ष: व्यापक डेटा के साथ मार्च 2027 में संपन्न होगा नेशनल हाउसहोल्ड इनकम सर्वे

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देहरादून। देश में पहली बार परिवारों की वास्तविक आय का व्यापक आकलन करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर पर “नेशनल हाउसहोल्ड इनकम सर्वे” शुरू किया जा रहा है। इसकी शुरुआत अप्रैल 2026 से होगी और उत्तराखंड में भी यह सर्वेक्षण बड़े स्तर पर संचालित किया जाएगा। यह पहल देश की आर्थिक स्थिति को जमीनी स्तर पर समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस सर्वेक्षण को सफल बनाने के लिए राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (क्षेत्र संक्रिय प्रभाग) द्वारा तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण 16 से 18 मार्च 2026 तक भारतीय वन सर्वेक्षण के सभागार में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ उप महानिदेशक एवं क्षेत्रीय प्रमुख केदार नाथ वर्मा ने किया।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सर्वेक्षण की कार्यप्रणाली, डेटा संग्रहण, सत्यापन और रिपोर्टिंग से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि यह सर्वेक्षण अप्रैल 2026 से शुरू होकर मार्च 2027 तक चलेगा। इस दौरान चयनित परिवारों के घर-घर जाकर उनकी आय के विभिन्न स्रोतों का डेटा एकत्र किया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, इस सर्वे में वेतन, कृषि, स्वरोजगार, व्यवसाय, मजदूरी और अन्य आय स्रोतों से संबंधित जानकारी जुटाई जाएगी। इससे देश में परिवारों की वास्तविक आय स्थिति का सटीक आंकलन संभव हो सकेगा। अब तक आय से जुड़े आंकड़े सीमित या अनुमानित होते थे, लेकिन यह सर्वे जमीनी स्तर पर विस्तृत और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराएगा। अधिकारियों ने बताया कि इस सर्वेक्षण के आंकड़े भविष्य की नीतियों और योजनाओं के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे। खासतौर पर गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में यह डेटा उपयोगी साबित होगा। यह पहल केंद्र सरकार के “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन उप निदेशक नीतीश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में किया गया। उनके साथ सहायक निदेशक संजय रतुरी और योगेश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारियों ने प्रतिभागियों को तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें सर्वेक्षण को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि यह सर्वे उत्तराखंड सहित पूरे देश में आर्थिक नीतियों को नई दिशा देगा और विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होगा।