दिल्ली प्रदर्शन के बीच योगेंद्र यादव ने सरकार से संवाद की अपील की

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नई दिल्ली। नीट पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित 'संसद चलो' मार्च सोमवार को उस समय और उग्र हो गया, जब बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से आगे बढ़ते हुए विजय चौक और रेल भवन क्षेत्र तक पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों को संसद भवन की ओर बढ़ने से रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प, धक्का-मुक्की और तनाव की स्थिति बनी। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने रेल भवन के पास आंसू गैस के गोले भी छोड़े, जबकि कई स्थानों पर लाठीचार्ज की भी खबरें सामने आईं। संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन राजधानी में बढ़ते तनाव को देखते हुए संसद भवन की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई। सुरक्षा अधिकारियों ने संसद के सभी प्रमुख प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त बल तैनात कर दिया और एहतियातन संसद भवन के गेट अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए। पूरे संसद परिसर और आसपास के इलाके को हाई सिक्योरिटी जोन में तब्दील कर दिया गया।

विजय चौक और रेल भवन तक पहुंचा प्रदर्शन, संसद भवन की सुरक्षा बढ़ाई गई
सुबह जंतर-मंतर से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन धीरे-धीरे संसद मार्ग की ओर बढ़ा। प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए विजय चौक और रेल भवन क्षेत्र तक पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की थी, लेकिन प्रदर्शनकारी लगातार आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे। रेल भवन के समीप स्थिति अधिक तनावपूर्ण हो गई, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद कुछ देर तक पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा। सुरक्षा एजेंसियों ने प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेलते हुए संसद मार्ग की ओर बढ़ने से रोक दिया। प्रदर्शन के उग्र होने के बाद संसद भवन की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया। संसद के प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए और सभी आने-जाने वालों की सघन जांच की गई। सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए संसद भवन के गेट बंद कर दिए गए ताकि किसी भी संभावित सुरक्षा जोखिम से बचा जा सके। इधर दिल्ली पुलिस ने राजधानी में प्रवेश करने वाले मार्गों पर भी विशेष निगरानी शुरू कर दी। बदरपुर बॉर्डर समेत दिल्ली की सीमाओं पर वाहनों की गहन जांच की गई ताकि बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।

सरकार और CJP के बीच बातचीत की पहल
तनावपूर्ण माहौल के बीच सरकार और CJP के बीच बातचीत की प्रक्रिया भी शुरू हुई। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव आया है और वह संगठन के वरिष्ठ नेता आशुतोष रांका के साथ केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा से मुलाकात के लिए रवाना हुए। सौरव दास ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा कि सरकार ने स्वयं संपर्क किया है। उन्होंने कहा कि संगठन की मांगें स्पष्ट हैं और देशभर से बड़ी संख्या में युवा आंदोलन के समर्थन में पहुंचे हैं। उनका कहना था कि अब सरकार को छात्रों और युवाओं की चिंताओं का समाधान करना चाहिए। इसी दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। हालांकि इस मुलाकात के आधिकारिक एजेंडे की जानकारी नहीं दी गई, लेकिन संसद मार्च और उससे जुड़े घटनाक्रम के बीच इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विपक्ष और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उठाए सवाल
आंदोलन के दौरान बल प्रयोग की खबरों पर विपक्षी दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी प्रतिक्रिया दी। सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सरकार से अपील की कि युवाओं पर आंसू गैस छोड़ने के बजाय संवाद का रास्ता अपनाया जाए। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा और छात्रों की मांगों पर सकारात्मक पहल की आवश्यकता बताई। वहीं कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि प्रदर्शन शांतिपूर्ण है तो बल प्रयोग का औचित्य समझ से परे है। उनके अनुसार लोकतंत्र में संसद वह मंच है जहां जनता की चिंताओं और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार के पास बहुमत है और निर्णय लेने का अधिकार भी, लेकिन विपक्ष और युवाओं की आवाज को संसद में सुना जाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का आवश्यक हिस्सा है।

कई मेट्रो स्टेशन किए गए बंद
सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने राजधानी के कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर सेवाओं को प्रभावित किया। जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन के प्रवेश एवं निकास द्वार अगले आदेश तक बंद कर दिए गए। इससे हजारों यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। साथ ही नागरिकों से उन क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की भी सलाह दी गई, जहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।