Saturday, May 25, 2024
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देहरादून–उत्तराखण्ड राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में मानव वन्य जीव संघर्ष के दौरान मृत्यु और घायल होने पर दी जाने वाली अनुग्रह राशि को बढ़ाने का लिया गया फैसला

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज सचिवालय में हुई उत्तराखण्ड राज्य वन्यजीव बोर्ड की 18वीं बैठक में निर्णय हुआ कि प्रदेश में मानव वन्यजीव संघर्ष में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उनके परिवार को देय अनुग्रह राशि ₹04 लाख से बढ़ाकर ₹06 लाख दी जायेगी। गंभीर रूप से घायल को अनुग्रह राशि ₹50 हजार से बढ़ाकर ₹01 लाख दी जायेगी। मानव वन्यजीव संघर्ष में क्षतिपूर्ति के लिए ₹02 करोड़ का कॉरपस फण्ड बनाया जायेगा। शिवालिक एलीफेन्ट रिजर्व की पुनर्स्थापना के प्रस्ताव को भी अनुमोदित किया गया। बैठक में निर्णय हुआ कि प्रदेश में जिम कार्बेट ट्रेल की स्थापना होगी। जिम कार्बेट से जुड़े स्थानों को विश्व पर्यटन मानचित्र में लाने के लिए पर्यटन विभाग के सहयोग से कार्य योजना बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये कार्य चरणबद्ध तरीके से किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजाजी टाइगर रिजर्व स्थित चौरासी कुटिया का अन्तरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार विकास किया जाएगा। यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि मानव वन्यजीव संघर्ष की घटना की सूचना प्राप्त होते ही संबंधितों को अनुग्रह राशि 15 दिन के अन्दर प्राप्त हो जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुग्यालों के संरक्षण की दिशा में भी विशेष ध्यान दिया जाए। बंदरों से फसलों को होने वाली क्षति को रोकने के लिए प्रभावी प्रयासों की जरूरत है, इसके समाधान के लिए एक व्यापक कार्ययोजना बनाई जाए। इस अवसर पर वन मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक रेनू बिष्ट, राम सिंह कैड़ा, अनिल नौटियाल, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक विनोद कुमार सिंघल, आदि उपस्थित थे।

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