Sunday, June 23, 2024
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उत्तराखण्डः आईडीएच में स्थापित होंगे मसूरी शिफन कोर्ट के बेघर परिवार! एसडीएम कार्यालय में हुई बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय, हंस फाउंडेशन बनायेगा आवास

देहरादून। मसूरी में शिफन कोर्ट के बेघर 84 परिवारों द्वारा 3 अप्रैल तक पिछले 23 दिनों से शहीद स्थल पर चल रहे धरने को स्थगित कर दिया गया है। मसूरी एसडीएम कार्यालय में एसडीएम नंदन कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में मौजूद अधिशासी अधिकारी राजेश नैथानी, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के प्रतिनिधि मोहन पेटवाल, कुशाल राणा और शिफन कोर्ट बेघर समिति के संयोजक प्रदीप भंडारी के बीच हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि 29 मार्च को नगर पालिका द्वारा बोर्ड बैठक कराई जाएगी, जिसमें आईडीएच में दी जाने वाली जगह को लेकर प्रस्ताव पास किया जाएगा और हंस फाउंडेशन को सभी कागजात और नक्शे के साथ भेजा जाएगा। 3 अप्रैल को हंस फाउंडेशन और नगरपालिका के बीच मेमोरेंडम आफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) साइन किया जाएगा और टिहरी बाईपास रोड पर आईडीएच में शिफन कोर्ट के बेघर लोगों के लिए बनाए जाने वाले आवास का काम शुरू किया जाएगा।
एसडीएम मसूरी नंदन कुमार ने बताया कि बैठक में सकारात्मक रवैया अपनाते हुए 84 बेधर परिवारों के आवास बनाए जाने को लेकर सहमति बनाई गई है। आईडीएच में 70 आवासों का हंस फाउडेशन के द्वारा हंस कलोनी बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 84 परिवारों में से 18 परिवारों को पूर्व में ही नगर पालिका द्वारा आइडीएस में आवास उपलब्ध करा दिए गए हैं, जिसको लेकर रसीद देने की प्रक्रिया भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिफन कोर्ट के बेघर लोगो द्वारा पिछले 23 दिनों से चल रहे धरने को स्थगित कर दिया गया है।
मसूरी में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के प्रतिनिधि मोहन पेटवाल ने कहा कि कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के अथक प्रयासों से शिफन कोर्ट के लोगों को हंस फाउंडेशन के माध्यम से करीब 5 करोड़ 32 लाख की हंस कॉलोनी का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर पूर्व में नगर पालिका द्वारा हंस फाउंडेशन से जमीन हंस फाउंडेशन को जमीन उपलब्ध कराई जाती तो आज मकान बन कर तैयार हो जाते। उन्होंने कहा कि शिफन कोर्ट को लेकर कांग्रेस बेवजह का हल्ला मचा रही है, जबकि 2008 में ही शिफन कोर्ट के लोगों को हटाने को लेकर कांग्रेस ने प्लान तैयार कर दिया था, जिसके तहत शिफन कोर्ट की जमीन को तत्कालीन कांग्रेस की मसूरी नगर पालिका परिषद की बोर्ड ने पर्यटन विभाग को स्थानतरित कर दिया गया था। वह उस समय के कांग्रेस के अध्यक्ष और बोर्ड द्वारा पर्यटन विभाग को जमीन हस्तांतरित करते हुए शिफन कोर्ट में रह रहे लोगों को विस्थापित किये जाने को लेकर कोई योजना नहीं गई थी जिसका खामियाजा शिफन कोर्ट के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
शिफन कोर्ट बेघर परिवार समिति के संयोजक प्रदीप भंडारी ने कहा कि एसडीएम मसूरी और कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के प्रतिनिधि मोहन पेटवाल और पालिका के अधिशासी अधिकारी राजेश नैथानी के बीच हुई वार्ता के बाद शिफन कोर्ट के लोगों द्वारा पिछले 23 दिनों से चल रहे धरने को स्थगित कर दिया गया है। उन्होंने कहा अगर बैठक में जो प्रस्ताव पास किए गए हैं उसके तहत 3 अप्रैल को शिफन कोर्ट के बेघर 84 परिवारों के आवास बनाने का कार्य शुरू नहीं किया जाता तो एक बार फिर शिफन कोर्ट के बेघर 84 परिवार के लोग सरकार और पालिका के खिलाफ जमकर उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार और पालिका प्रशासन की होगी।

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