Saturday, May 25, 2024
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उत्तराखण्डः मसूरी में निकाली गई वादा निभाओ शंखनाद रैली! तीन साल पहले बेघर हुए लोगों ने पालिकाध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री के खिलाफ की नारेबाजी

देहरादून। मसूरी के शिफन कोर्ट से 3 साल पहले बेघर हुए 84 परिवारों द्वारा अपने विस्थापन को लेकर लगातार मांग की जा रही है। मांगों को लेकर आज वादा निभाओ शंखनाद रैली का आयोजन किया गया। पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ मसूरी गांधी चौक से वादा निभाओ शंखनाद रैली का शुभारंभ किया गया जो मालरोड से होते हुए मसूरी शहीद स्थल पहुंची। रैली के दौरान शिफन कोर्ट से बेघर लोगों के सदस्यों के साथ समर्थन कर रहे लोगों ने पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता और मसूरी विधायक कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी से शिफन कोर्ट के लोगों को आवास देने का वादा निभाने के लिए जोरदार नारेबाजी की गई। शंखनाद रैली के उपरांत सभी बेघर हुए 84 परिवार सहित समर्थन कर रहे लोग शहीद स्थल पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए और पालिका अध्यक्ष गुप्ता और मसूरी विधायक कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी 84 बेघर हुए परिवारों का समर्थन देते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार से तत्काल शिफन कोर्ट के लोगो के विस्थापन की मांग की गई। उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी द्वारा वादा किया गया था इस शिफन कोर्ट से हटाने के बाद 15 दिन के अंदर सभी 84 परिवारों को आवास उपलब्ध करा दिए जाएंगे, परंतु दुर्भाग्यवश 3 साल होने के बाद भी अभी तक सिर्फ बातें की जा रही है धरातल पर भी कुछ नजर नहीं आ रहा है।
बेघर हुए 84 परिवार के समिति के संरक्षक प्रदीप भंडारी और अध्यक्ष संजय टम्टा ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मसूरी विधायक कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता द्वारा मसूरी टिहरी बाईपास रोड आईडीएच में जाकर शिफन कोर्ट से बेघर हुए लोगों को आवास बनाए जाने को लेकर भूमि पूजन किया गया था, परंतु दुर्भाग्यवश भूमि पूजन होने के बाद भी आज तक आवास का पता नहीं है। पूर्व पालिका अध्यक्ष और कांग्रेस के प्रदेश महासचिव मनमोहन सिंह ने कहा कि दुर्भाग्य है कि पालिका प्रशासन द्वारा आज तक शिफन कोर्ट के लोगों को विस्थापित नहीं किया गया है जबकि पूर्व में शिफन कोर्ट कोर्ट में रह रहे लोगों को हटाने से पहले यह तय किया गया था कि इन सभी लोगों को विस्थापित किया जाएगा परंतु शिफन कोर्ट के लोगों के साथ धोखा किया गया है।

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