Mar 21, 2026
govt-ads

हेलीपैड निर्माण में देरी से गंगोत्री के पुरोहितों में रोष: इसी साल सेवा शुरू करने की डेडलाइन दी

post-img

देहरादून। आगामी चारधाम यात्रा को लेकर व्यवस्थाओं पर बहस तेज हो गई है। चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सीमित संख्या तय करने के निर्णय का कड़ा विरोध किया है। इस संबंध में शुक्रवार को महापंचायत के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन से मुलाकात कर 11 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। महापंचायत के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल और महासचिव डॉ. बृजेश सती ने स्पष्ट कहा कि चारों धामों में श्रद्धालुओं की संख्या निर्धारित करने की व्यवस्था पूरी तरह समाप्त की जानी चाहिए। उनका तर्क है कि पिछले कुछ वर्षों से पर्यटन विभाग द्वारा लागू की गई टोकन व्यवस्था व्यवहारिक नहीं है और इससे यात्रियों को कोई विशेष लाभ नहीं मिल रहा है। उलटे इससे श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ता है।

महापंचायत ने मांगपत्र में यह भी जोर दिया कि यात्रा शुरू होने से पहले ही चारों धाम यमुनोत्री धाम, गंगोत्री धाम, केदारनाथ धाम और बद्रीनाथ धाम में सभी बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त की जाएं। अक्सर यह देखने में आता है कि यात्रा प्रारंभ होने के बाद पेयजल, बिजली और संचार सेवाएं सुचारू रूप से उपलब्ध नहीं हो पातीं, जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ती है। यमुनोत्री धाम में प्रस्तावित रोपवे निर्माण कार्य में तेजी लाने और सुरक्षा दीवार का निर्माण शीघ्र पूरा करने की भी मांग उठाई गई। इसके अलावा गंगोत्री धाम में निर्माणाधीन हेलीपैड को जल्द पूरा कर इसी यात्रा सीजन में सेवा शुरू करने पर भी जोर दिया गया है। महापंचायत ने हेलिकॉप्टर टिकट बुकिंग प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता या कालाबाजारी की गुंजाइश नहीं रहनी चाहिए। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों और असहाय श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान प्राथमिकता दिए जाने की बात भी रखी गई। एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा गैर-सनातनियों के प्रवेश से जुड़ा रहा। महापंचायत ने कहा कि इस संबंध में पहले से लागू प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराया जाए। इसके लिए धाम के प्रवेश द्वारों पर होने वाले पंजीकरण में स्पष्ट जानकारी मंदिर समितियों को उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इस विषय पर सुझाव देने के लिए गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय समिति का गठन भी किया गया है। यह समिति गैर-सनातनियों के प्रवेश से जुड़े मुद्दों पर मंदिर समितियों को दिशा-निर्देश देगी। प्रतिनिधिमंडल में संजीव सेमवाल, सुनील उनियाल, पुरुषोत्तम उनियाल, गौरव उनियाल, संजीव उनियाल, प्रदीप उनियाल, ज्योतिष उनियाल, निखिलेश सेमवाल और प्रशांत डिमरी समेत कई सदस्य मौजूद रहे। कुल मिलाकर, चारधाम यात्रा से पहले तीर्थ पुरोहितों ने अपनी मांगों को स्पष्ट करते हुए सरकार से व्यवस्थाओं में सुधार और श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देने की अपील की है। अब देखना होगा कि सरकार इन मांगों पर क्या निर्णय लेती है, क्योंकि हर साल लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होते हैं।