Friday, April 19, 2024
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नैनीताल– अटल पत्रकारिता एवं जनसंचार अध्ययन केंद्र द्वारा आयोजित कार्यशाला में दूसरे दिन पारिस्थितिकी और उनमें आ रहे परिवर्तनों व इसके कारणों पर की गई चर्चा

नैनीताल। कुमाऊं विश्वाविद्यालय डीएसबी परिसर नैनीताल के अटल पत्रकारिता एवं जनसंचार अध्ययन केंद्र के तत्वाधान में आयोजित चार दिवसीय कार्यशाला व संगोष्ठी के दूसरे दिन बुधवार को अमेरिका से आए
युवा हिंदी संस्थान न्यू जर्सी के अशोक ओझा और न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय की प्रोफेसर गैब्रीयेला निक इलियेवा के नेतृत्व में आये 15 सदस्यीय दल
को विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय स्वयंसेवियों, समाजसेवियों और एक्टिविस्ट्स ने नगर की पारिस्थितिकी और उनमें आ रहे परिवर्तनों व इसके कारणों की विस्तार से जानकारी दी।
इस दौरान जय जननी जय भारत संस्था की ओर से मनोज साह जगाती, एवरेस्ट विजेता तुसी अनित साह, लता, जीशान व परवेज के साथ प्रो. ललित तिवारी
ने नैनीताल में विलुप्त हो रही वनस्पतियों और जीव जंतुओं, बढ़ती जनसंख्या के मुताबिक संसाधनों की कमी, नैनीझील के घटते चार्जिंग एरिया, जिससे प्राकृतिक जल श्रोत भी प्रभावित हो रहें है के विषय में विस्तार से बताया।


नासा संस्था के यशपाल रावत सहित एक्टिविस्ट लतिका जलाल और पर्यावरणविद डा. रीतेश साह ने अमेरिका से आये प्रतिनिधिमंडल को झील, नगर की वनस्पति और इनमें आ रहे बदलाव और इसके कारणों सहित कुमाऊं की संस्कृति, रीति रिवाजों आदि के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नैनीताल में अब पहले की अपेक्षा अधिक आबादी होने के कारण पेड़ों के कटान हो गए हैं। उन्होंने कहा की पर्यावरण को बचाने वाले पेड़ पौधे भी अब विलुप्त हो चुके हैं और कई विलुप्त होने की कगार पर है जिससे पर्यावरण और जलवायु को काफी नुकसान हुआ है। वही गाजर घास, लेंटन घास जैसे अन्य घास उत्पन्न हो रही है जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही है। जिसे प्राकृतिक जल स्रोतों को भी नुकसान हो रहा है और नैनीझील का स्वास्थ्य पर भी काफी गहरा असर पड़ा है इसके अतिरिक्त उन्होंने कुमाऊं की संस्कृति वेशभूषा जहां की रीति रिवाजों आदि से भी अमेरिका से आए प्रतिनिधिमंडल को अवगत कराया।
वहीं पूर्व सभासद डीएन भट्ट, व्यापार मंडल की ममता जोशी सहित बलियानाला क्षेत्र के प्रभावितों ने बलियानाला में भूस्खलन की पृष्ठभूमि, इसके खतरे, इसके कारण लोगों के निर्वासन आदि की जानकारी दी जबकि सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता डीडी सती, जेई नीरज तिवारी व रमेश गैड़ा ने इसके उपचार के लिए किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी। कार्यक्रमों का आयोजन और संचालन पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. गिरीश रंजन तिवारी ने किया।

इस दौरान अमेरिका के कैलीफोर्निया विश्वविद्यालय, पेंसिलवेनिया विवि, कंसास विवि, वेंडरबिल्ट विवि, सैसली विवि मैडिसन , जर्सी सिटी बोर्ड, फोरसाइथ डिस्ट्रिक्ट काउंटी स्कूल, शैंडलर डिस्ट्रिक्ट स्कूल और हिंदी भाषा अकादमी आदि अत्यंत प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल थे।

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